स्टार्टअप कैसे शुरू करें | Startup Kaise Kare in Hindi

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Startup ये एक यैसा वर्ड है जिसके बारेमे आज हर कोई बात रहा है। इंडिया में भी अब युवा स्टार्टअप की और आकर्षित हो रहे है। पर काफी लोगों को Startup क्या है इसके बारेमे ज्यादा जानकरी नहीं है। इसी लिए आज हम Startup क्या है और कैसे करें। इसके बारेमे बात करने वाले है।

इसके अलावा Startup India के बारेमे। इस आर्टिकल में आपको जानकारी मिलने वाली है। इसके अलावा आप कैसे अपना स्टार्टअप कर सकते है। इसके बारेमे हम कुछ प्रैक्टिकल देखने वाले है। इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको Startup के बारेमे पूरी जानकरी मिलेंगी।

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स्टार्टअप क्या है? (startup kya hai)

स्टार्टअप एक तरह का बिज़नेस ही होता है। जो मार्केट में अपना नया प्रोडक्ट लाता है। मतलब की Startup यैसे प्रोडक्ट्स और सर्विस मार्केट में देना शुरू करते है। जो आजसे पहले किसी और ने नहीं दिए हो। एक स्टेप आगे जाये तो स्टार्टअप मार्केट के उन प्रॉब्लम का सोलुशन देता है।

जो आज से पहले किसी और ने न दिए है। इसी लिए स्टार्टअप को काफी रिस्की माना जाता है। स्टार्टअप एक बनाये हुए रास्ते पर काम नहीं करता है। स्टार्टअप में एक प्रॉब्लम देखी जाती है। जिसका सोलुशन स्टार्टअप अपने प्रोडक्ट्स और सर्विस की मदत से लोगों को देते है।

अब इसमें कई बार अगर स्टार्टअप ने बनाया प्रोडक्ट अगर लोगों के यूज़ का नहीं होता है। तो इस केस में स्टार्टअप फ़ैल भी हो जाते है। अगर स्टार्टअप कोई यैसी प्रॉब्लम पर काम करता है। जो रियल में है ही नहीं तो लोग उनके प्रोडक्ट्स नहीं खरीदते है। इस लिए काफी स्टार्टअप अपने शुरुवाती साल में ही बंद हो जाते है।

स्टार्टअप के बारेमे जानकरी

  • स्टार्टअप के बारेमे सबसे बड़ी गलतफैमी लोगों के अंदर है। लोगों को लगता है की स्टार्टअप किया तो हम आमिर बनेगे। पर यहाँ सबसे पहले समझने वाली बात यह है की आप पैसे तभी कमायेंगे जब लोग आपके प्रोडक्ट्स या सर्विस खरीदेंगे।
  • वही लोग आपके प्रोडक्ट्स तब लेते है जब उन्हें कोई वैल्यू मिलती है। जैसे की उनकी कोई प्रॉब्लम सोल्व होती है। अगर आपका प्रोडक्ट कोई वैल्यू या प्रॉब्लम सॉल्व नहीं करता है। तो आपका स्टार्टअप कभी सफल नहीं बन सकता है।
  • स्टार्टअप के बारेमे ज्यादातर लोगों को ये नहीं पता की 10 में से सिर्फ 1 यैसा स्टार्टअप है। जो सफल हो पाता है बाकि बचे 9 स्टार्टअप कभी प्रॉफिट नहीं कमा पाते हैं।
  • स्टार्टअप में सबसे ज्यादा जरूरी प्रॉफिट होता है। कोई भी इन्वेस्टर आपके स्टार्टअप में तब तक अपने पैसे इन्वेस्ट नहीं करता है। जब तक इन्वेस्टर को स्टार्टअप में growth या profit नहीं दिखता है।
  • profit इस लिए जरूरी है की अगर आपको कल फंडिंग मिल भी गयी। पर आप इन्वेस्टर के पैसे पर ज्यादा दिन तक मार्केट में नहीं चल सकते है। आपको प्रॉफिट के बारेमे सोचना ही होगा अगर प्रॉफिट नहीं है। तो आपका स्टार्टअप ज्यादा दिन के लिए नहीं चल सकता है।

स्टार्टअप के फायदे और नुकसान

फायदे:

  1. Startup में growth आपको अच्छी मिलती है। आप अगर कोई यैसी प्रॉब्लम solve करते है। जो काफी लोगों की है तो यैसे में आपका startup काफी जल्दी grow कर सकता है।
  2. स्टार्टअप में अगर आपकी कंपनी grow करती है। तो आपको काफी पैसे मिल सकते है। आप startup से आमिर भी बन सकते है। पर इसमें आपकी कंपनी बड़ी होनी चाहिए।

नुकसान:

  1. स्टार्टअप के फायदे के साथ साथ नुकसान भी काफी सारे होते है। जैसे स्टार्टअप में आपको कोई फिक्स सैलरी नहीं मिलती है। तो अगर आपको महीने के आखिर में सैलरी चाहिए। तो स्टार्टअप आपके लिए बिलकुल भी नहीं है।
  2. स्टार्टअप में आपका नुकसान भी हो सकता है। आप अगर कोई प्रोडक्ट बनाते है। अगर वह मार्केट में नहीं चलता तो इसमें आपको नुकसान हो सकता है।
  3. स्टार्टअप में फ़ैल होने के चांस काफी ज्यादा होते है। इंडिया में आज 10 में से 9 स्टार्टअप अपने सुरूवात के 5 साल में ही बंद होते है।
  4. स्टार्टअप में working hours फिक्स नहीं होते है। जैसा जॉब में 9 to 5 होता है वैसे स्टार्टअप में आपको कोई फिक्स काम नहीं होता है।

स्टार्टअप कैसे करें (Startup kaise kare)

स्टार्टअप एक बिज़नेस होता है। जैसे हम अपना बिज़नेस करते है। उसी तरह से startup में काम होता है सिर्फ थोड़े अलग तरीके से। startup करने के लिए आपके पास सबसे पहले एक आईडिया होना चाहिए। जिसे हम startup world में startup idea के नाम से जानते है।

startup idea हम उसे कहते है जिस आईडिया में हम स्टार्टअप करने वाले है। startup idea में ये देखना होता है की मार्केट में कोनसी प्रॉब्लम है। आप उस प्रॉब्लम को कैसे solve करेंगे। सबसे जरूरी बात यहाँ ये है की वह startup idea कोई burning problem सॉल्व करता हो।

startup idea में आपको ये देखना होगा की इस आईडिया के लिए लोग क्या हमे पैसे देंगे। मतलब की यह प्रॉब्लम क्या इतनी बड़ी है की अगर कल हम इसका solution मार्केट में अपने स्टार्टअप से लाते है। तो क्या लोग हमारे प्रोडक्ट्स को खरीदने के लिए पैसे देंगे। इसके अलावा भी आपको काफी चीज़े startup idea में देखनी होती है।

Startup Idea में क्या देखना चाहिए?

स्टार्टअप आईडिया में आपको कुछ बाते देखनी होती है। जैसे market size, growth और competition यह सभी चीज़े आपको देखनी चाहिए। जैसे market size बड़ी होनी चाहिए आपके आईडिया में growth भी होनी चाहिए। पर competition कम होना चाहिए। इस तरह से आपको अपने स्टार्टअप आईडिया को चुनना है।

Startup Idea को टेस्ट कैसे करें

अब आपके पास एक स्टार्टअप का आईडिया है। पर आप यह नहीं जानते की यह स्टार्टअप आईडिया असल में काम करेगा या नहीं। इसके लिए आप इस स्टार्टअप आईडिया को टेस्ट कर सकते है। इसके लिए आप बहोत ही कम किंमत में स्टार्टअप आईडिया को टेस्ट कर सकते है।

Step 1: आप अपने स्टार्टअप आईडिया को एक नाम दीजिये। स्टार्टअप आईडिया को नाम देना जरूरी है।

Step 2: स्टार्टअप आईडिया को नाम देने के बाद आपको इस नाम एक domain name buy करना है। इसके बाद इस नाम से सोशल मीडिया अकाउंट बनाने है। यह इस लिए आज online presence होना काफी ज्यादा जरूरी है।

Step 3: इसके बाद अपने बिज़नेस का एक Logo बनवाये। आप खुद से अपना Logo बनवा सकते है। इसके अलावा Fiverr पर जाकर किसी Freelancer से भी Logo बनवा सकते है।

Step 4: अब आपको अपने Domain Name से एक Landing Page बनाना है। Landing Page एक one page website होती है। जिसपर सिर्फ एक ही पेज होता है। इस एक पेज पर आपको अपने स्टार्टअप आईडिया के बारेमे बताना है।

इस landing page पर आपको अपने स्टार्टअप आईडिया के बारेमे दो चीज़े बतानी है। जैसे यह स्टार्टअप आईडिया क्या करता है। दूसरा यह स्टार्टअप आईडिया कोनसी प्रॉब्लम को सॉल्व करता है। यह बाते आपको अपने landing page पर बतानी है।

जैसे example के साथ बताऊ तो अगर आपका एक ऍप है। यहाँ लोग अपनी डेली इनकम और एक्सपेंस डाल सकते है। तो आप यहाँ आपका ऍप किस बारेमे है ये बतायेंगे। जैसे daily इनकम और एक्सपेंस मैनेजर और क्या प्रॉब्लम सोल्व करता है। तो लोग अपना finance manage नहीं कर पाते तो इसमें यह ऍप मदत करता है।

Startup Idea लोंगो तक कैसे लेकर जाये

अब आपने अपनी वेबसाइट बनाई है। इसपर आपने सभी चीज़े जैसा मैंने बताया है। उस तरह से की है अब बारी आती है। अपने वेबसाइट को लोगों तक लेकर जाना। इसके लिए आप Ads का यूज़ कर सकते है। अब यहाँ आपको Facebook, Google, Instagram, Youtube, Linkdin इन सब प्लेटफार्म पर या किसी एक पर।

आपको Ads चलाने होंगे। Ads चलाने के लिए आपको लाखो रुपये की जरूरत नहीं होती है। आप 100 रुपये प्रति दिन से एड्स चलाना शुरू कर सकते है। महीने के आप 3000 रुपये भी एड्स खर्च करेंगे। तो आपको काफी काम का Data यहाँ से मिल सकता है। जैसे यहाँ से आपको Traffic मिलेगा Leads भी मिल सकती है।

यहाँ आपको ट्रैक यह करना है की जब आपकी एड्स लोगों को दिखाई गयी है। तो कितने लोगों ने आपकी ऐड पर क्लिक किया है। क्लिक करने से आप यह समझ सकते है। की कितने लोग आपके स्टार्टअप के लिए इंट्रेस्टेड है।

इसके अलावा आप क्लिक करके आपके वेबसाइट पर आये हुए लोगों में से कितने लोगों ने आपको फ़ोन और ईमेल यह दिया है। इसे भी ट्रैक कर सकते है जो लोग आपको email या phone number देते है। वह यैसे लोग जो आपके प्रोडक्ट्स में इंट्रेस्टेड है।

जैसे ही आप अपना प्रोडक्ट या सर्विस बनाते है। आप इन लोगों के साथ उन्हें शेयर कर सकते है। एक बात का ध्यान रखिये की अगर आपको 3 sell मिलती है। जो आपका प्रोडक्ट मार्केट में फिट हो चूका है। इसकी लोगों को जरूरत है। तो स्टार्टअप में अपने शुरुवाती 3 कस्टमर काफी ज्यादा जरूरी है।

इन सभी matrics और data को यूज़ करके आप अपना स्टार्टअप बना सकते है। इस तरह से आप अपना startup कर सकते है। अब बाकि आपको देखना होगा की आप product किस तरह बनाते है। पर startup करते वक़्त आपको ऊपर बताई गयी बातो का ध्यान रखना है।

Job vs Startup क्या करना चाहिए

Job vs Startup इसके बीच लोगों को काफी confusion होती है। job करने वाले लोगों को startup करना होता है। पर मैं आपको बता देता हु की दोनो के अपने फायदे और नुकसान होते है। Job करने का फायदा यह है की इसमें आपको fix time पर fix salary मिलती है।

startup में fix salary नहीं मिलती है। वही startup में आपको बिना पैसों के भी काम करना पड़ सकता है। startup में रिस्क काफी काफी ज्यादा होती है। job में रिस्क कम होती है। job में भी आप काफी चीज़े सीखते है। जैसे corporate job में structure होता है साथ में planning के साथ काम होता है।

startup में आप job से ज्यादा कुछ चीज़े सीख सकते है। जो चीज़े आप 2 साल में job में सीखते है वह आप startup करने के बाद 1 साल में सिख सकते है। startup में आपकी इनकम अगर आपका स्टार्टअप चल जाता है। तो इनकम काफी तेज़ी से बढ़ सकती है।

Startup के लिए फंडिंग कैसे लाये

स्टार्टअप करने के लिए पैसो की जरूरत होती है। अब सवाल यह आता है की स्टार्टअप के लिए पैसे कहा से लाये। तो इसका एक प्रोसेस है। आप सबसे पहले अपने पैसे से स्टार्टअप करते है। स्टार्टअप करते वक़्त आपको सुरुवात में ही कोई इन्वेस्टर नहीं मिलते है। तो स्टार्टअप शुरू करने के लिए आप friends and family से पैसे ले सकते है।

आप अगर पहले कई पर जॉब करते थे। तो आपके पास अपनी सेविंग्स होगी। आप उससे स्टार्टअप की सुरुवात कर सकते है। जैसे आपका स्टार्टअप बड़ा होता है। तो आप Seed Funding ले सकते है। Seed funding लेने के लिए आपके पास Idea, MVP, Early Team इसमें से कुछ होना चाहिए।

इंडिया में काफी यैसे Angel Investors है। जो seed funding देते है। जैसे 5 लाख से 50 लाख रुपये तक funding आपको मिलती है। इसके बाद अगर आपको पैसे की जरूरत पड़ती है। तो आपको VC के पास जाना पड़ता है। seed funding के बाद आप series funding ले सकते है।

Series Funding में आपको इस तरह से फंडिंग मिल सकती है।

  • Series A: 1 to 3 Million Dollars
  • Series B: 5 to 10 Million Dollars
  • Series C: 10 to 30 Million Dollars
  • Series D: 30 to 100 Million Dollars

इससे ज्यादा अगर आपको पैसे चाहिए। तो आपको अपना IPO लाना होता है। IPO के बारेमे जानकरी हमने पहले ही एक आर्टिकल में दी है। तो IPO के बाद आपकी कंपनी public company से private company बनती है। इसके बाद आपके कंपनी के शेयर कोई भी स्टॉक मार्केट से खरीद सकता है।

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इन्वेस्टर्स स्टार्टअप में इन्वेस्ट किउ करते है?

इन्वेस्टर्स स्टार्टअप में इन्वेस्ट सिर्फ Return on Investment के लिए करते है। Investors को इन्वेस्ट करके सिर्फ पैसे चाहिए। इन्वेस्टर एक स्टार्टअप में इसी लिए इन्वेस्ट करते है की जब उस स्टार्टअप की Value बढ़ेगी तब हम पैसे कमायेंगे।

स्टार्टअप और बिज़नेस में अंतर है?

स्टार्टअप भी एक बिज़नेस ही होता है। दोनों में ज्यादा अंतर नहीं है। पर जब आप अपने रोजगार के लिए कुछ करते है। तो उसे हम बिज़नेस कह सकते है। जब आपका बिज़नेस बड़ा होता है उसमे और लोग काम करते है। तो हम इसे स्टार्टअप कहते है।

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